लखन लाल पाल हिंदी साहित्य जगत के कुशल कथाकार हैं। इन्होंने उपन्यास, कहानियां लेख शोधालेख तथा समीक्षाएं लिखी हैं । इनकी कहानियां देश की प्रसिद्ध पत्रिकाओं जैसे हंस, कथा देश, कथाक्रम ,लमही, सृजन समीक्षा, स्पंदन आदि में प्रकाशित होती रही हैं। इन्होंने आज के ग्रामीण जीवन पर जिस कुशलता से अपनी लेखनी चलाई है वह विस्मित करने वाली है।स्त्री विमर्श, दलित विमर्श तथा आम आदमी की समस्याएं, आपसी वैमनस्य, राजनीतिक उठा-पटक के चटक रंग इनके कथासाहित्य में मिलते है।